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सरदार पटेल सुभारती संस्थान में १७वीं आंतरिक मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन: आरती और व्योम ने जीता विधिक रणसंग्राम

 

स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के गौरवशाली घटक संस्थान 'सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ' (Sardar Patel Subharti Institute of Law) के तत्वावधान में दिनांक ३ से ४ अप्रैल, २०२६ तक आयोजित '१७वीं सरदार पटेल सुभारती आंतरिक मूट कोर्ट प्रतियोगिता, २०२६' (17th Sardar Patel Subharti Internal Moot Court Competition, 2026) का अत्यंत भव्य और गरिमामयी समापन हुआ, जिसमें विधिक मेधा और तार्किक प्रखरता का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

इस द्वि-दिवसीय विधिक महाकुंभ का आयोजन मूट कोर्ट एसोसिएशन (Moot Court Association) द्वारा किया गया, जिसमें अंतिम वर्ष (Final Year) के कुल ४४ मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मूट कोर्ट एसोसिएशन की संयोजिका (Convener) श्रीमती अफरीन अल्मास (Mrs. Afreen Almas) के कुशल मार्गदर्शन में इन ४४ प्रतिभागियों को २२ प्रतिस्पर्धी टीमों में विभाजित किया गया था, जहाँ प्रत्येक टीम में दो-दो विद्यार्थियों को टीममेट के रूप में सम्मिलित कर एक संतुलित और प्रतिस्पर्धी वातावरण निर्मित किया गया। प्रतियोगिता के प्रथम दिवस, ३ अप्रैल २०२६ को प्रारंभिक दौर (Preliminary Round) का आयोजन हुआ, जिसमें सभी टीमों ने अदम्य उत्साह के साथ भाग लिया और इस चरण में कुल २२ टीमों ने हिस्सा लिया जिनमें से ११ टीमें 'पक्ष दल' (Appellant) की ओर से और ११ टीमें 'विपक्षी दल' (Respondent) की ओर से अपने तर्कों की मशाल लेकर विधिक रणभूमि में उतरीं। 

इस प्रतियोगिता का मुख्य आधारभूत विषय (Moot Problem) हरियाणा राज्य बनाम प्रकाश चोपड़ा एवं अन्य (State of Haryana V/s Mr. Prakash Chopra & others) के जटिल कानूनी मामले पर केंद्रित था, जहाँ प्रत्येक टीम ने साक्ष्यों की विवेचना, कानूनी नजीरों के संदर्भ और भारतीय दंड संहिता व संबंधित कानूनों की व्याख्या करते हुए न्यायाधीशों के समक्ष अपने-अपने पक्ष को अत्यंत प्रभावशाली और विधिक रूप से सुदृढ़ ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन, ४ अप्रैल २०२६ को सेमीफाइनल और फाइनल राउंड्स की रोमांचक विधिक जंग छिड़ी, जिसमें कड़े मुकाबले के बाद केवल ४ श्रेष्ठ टीमें सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने में सफल रहीं, जिनमें मुख्य रूप से आरती और व्योम, मनीष और सोनिया, आयुष और देवांश, तथा दीया और सुरभि की जोड़ियों ने अपनी तार्किक शक्ति का लोहा मनवाया। सेमीफाइनल की अग्निपरीक्षा के पश्चात अंतिम मुकाबला (Final Round) आरती और व्योम बनाम आयुष आनंद और देवांश के बीच हुआ, जिसमें दोनों ही पक्षों ने अपनी वाक्पटुता, कानूनी शोध और प्रत्युत्तर देने की क्षमता से विधिक विशेषज्ञों और दर्शकों के हृदय को झकझोर दिया और न्यायाधीशों को निर्णय लेने के लिए विचारमग्न कर दिया। 

फाइनल राउंड की न्यायिक पीठ (Judges) में विधि संकाय के अधिष्ठाता (Dean) प्रोफेसर डॉ. वैभव गोयल भारतीय सर और प्रोफेसर डॉ. रीना बिश्नोई मैम जैसे अनुभवी विधिवेत्ता विराजमान थे, जिन्होंने प्रतिभागियों के तर्कों की सूक्ष्मता और उनकी 'कोर्ट एटिकेट्स' (Court Etiquettes) का बारीकी से परीक्षण किया। 

अंततः, अपनी असाधारण विधिक सूझबूझ और प्रभावी दलीलों के बल पर आरती और व्योम ने '१७वीं सरदार पटेल सुभारती आंतरिक मूट कोर्ट प्रतियोगिता, २०२६' के 'विजेता' (Winner) का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया, जबकि आयुष आनंद और देवांश ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपविजेता (Runner-Up) का पुरस्कार प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने का मुख्य श्रेय मूट कोर्ट एसोसिएशन की संयोजिका श्रीमती अफरीन अल्मास को जाता है, जिनकी दूरदर्शिता और सटीक योजना के कारण यह प्रतियोगिता निर्बाध और अनुशासित रूप से संपन्न हुई। 

इस विधिक उत्सव में हिस्सा लेने वाले मुख्य चेहरों में ईशा त्यागी, प्रकृति वशिष्ठ, आरती गोयल, व्योम, भारती ठाकुर, मनीष राणा, सोनिया, गौरव पालीवाल, आयुष आनंद, देवांश और अन्य कई होनहार छात्र शामिल रहे, जिन्होंने भविष्य के कुशल अधिवक्ता बनने की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया। यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों के प्रयोगात्मक कानूनी ज्ञान को निखारने का एक मंच साबित हुई, बल्कि इसने विद्यार्थियों को न्यायालय की वास्तविक कार्यवाही, जिरह करने की कला और विधिक ड्राफ्टिंग की बारीकियों से भी रूबरू कराया, जो कि सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की शैक्षणिक उत्कृष्टता और विधिक संस्कारों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। 

समापन समारोह के दौरान विजयी प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे संपूर्ण लॉ कॉलेज परिसर 'जय हिंद' और 'न्याय की विजय' के नारों से गुंजायमान हो उठा और इसी के साथ इस ऐतिहासिक १७वें सत्र का सफल पटाक्षेप हुआ।

द्वारा: Hyphizaa Team |